Tally kya hai aur kaise sikhe

Tally Kya Hai | Tally Kaise Sikhe In Hindi

Tally Kya Hai : चलिए आज जानते हैं टैली के बारे में विस्तार से, देखिए दोस्तों अगर आपने कभी Computer Institute में visit किया होगा, तो शायद आपने टैली कोर्स का नाम सुना होगा, क्योंकि जब भी हम किसी भी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में जाते हैं, तो सबसे पहले वह हमें टैली कोर्स के बारे में जानकारी देते हैं |  अगर आपने इसके बारे में नहीं सुना है, तो कोई बात नहीं,  हम इस पोस्ट में इसी विषय में बात करने वाले हैं, Tally Kya Hai | What is Tally in Hindi | इसे कैसे इस्तेमाल किया जाता है | Tally Kaise Sikhe | टैली का इतिहास, इन सभी के बारे में हम इस आर्टिकल में विस्तार से जानेंगे |

देखिए दोस्तों यह तो हम सभी जानते हैं कि आज के जमाने में कंप्यूटर सीखना बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर हम किसी भी नौकरी के लिए जाते हैं, तो सबसे पहले हमें वहां कंप्यूटर के बारे में पूछा जाता है |

पर अगर हम किसी Accounts से संबंधित नौकरी के लिए जाते हैं, तो वहां हमें Tally Software Kya Hai | इसके बारे में पूछा जाता है तो चलिए जानते हैं Tally Kya Hoti Hai.

Tally Kya Hai | What Is Tally In Hindi

एक तरह का अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है, यह अकाउंट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला सबसे लोकप्रिय (famous) सॉफ्टवेयर माना जाता है | इसका इस्तेमाल सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में किया जाता है |

देखिए दोस्तों, पहले के जमाने में जो जमींदार हुआ करते थे, वह सभी का खाता लिखकर, उनके लेनदेन की गणना किया करते थे | पर आज के समय में जब से टैली आया है, तबसे यहां सभी लेन देन का रिकॉर्ड टैली द्वारा मैनेज (manage) किया जाता है|

 जरूरी नहीं है कि टेली सीखने के लिए, आपने कॉमर्स स्ट्रीम (Commerce Stream) से ही 12वीं पास की हो | आज के समय में काफी युवा ऐसी भी है, जिन्होंने Arts Stream  से पढ़ाई करके, आज किसी कंपनी में As Accountant टैली सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं | अगर आसान शब्दों में टैली की परिभाषा क्या है | What Is Tally In Hindi Definition | बताया जाए तो यह होगी :

Tally Definition In Hindi :  टेली एक ऐसा अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है, जो व्यवसाय से संबंधित सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रखता है, व्यापार में हुए घाटे और फायदे को भी यह आसानी से बताता है, साथ ही यह हमारे सभी कैलकुलेशन को कुछ ही सेकंड में कैलकुलेट करके आसानी से दर्शाता है |

Tally Ka Full Form Kya Hai | Tally Full Form

टैली सॉफ्टवेयर भारत की मल्टीनेशनल कंपनी Tally Solutions Pvt. ltd.  द्वारा बनाया गया है | इसकी सबसे बड़ी ब्रांच (Branch) बैंगलोर में स्थित है |

देखिए दोस्तों यह तो सभी जानते हैं कि टेली एक सॉफ्टवेयर है, पर बहुत ही कम लोग जानते हैं कि टैली का फुल फॉर्म क्या है,

टैली का फुल फॉर्म है :

T- Transactions

A- Allowed in a

L- Linear

L- Line

Y- Yards

इसका अर्थ है सभी प्रकार की लेनदेन को एक ही जगह सहज कर रखना |

Tally का इतिहास | History Of Tally In Hindi

 जैसा कि मैंने आपको शुरुआत में ही बताया कि टैली सॉफ्टवेयर एकाउंटिंग के लिए बहुत ही लोकप्रिय सॉफ्टवेयर माना जाता है | इसका निर्माण हमारे भारत में ही बैंगलोर राज्य में  Tally Solutions Pvt. Ltd.  द्वारा किया गया था |

पर दोस्तों इससे पहले इस कंपनी को Peutronics Pvt. Ltd.  के नाम से जाना जाता था | मैं आपकी जानकारी के लिए बताना चाहती हूं, हमारे टैली के जनक कौन थे | Who Is The Father Of Tally |

टैली सॉफ्टवेयर का अविष्कार श्री श्याम सुंदर गोयनका जी और उनके बेटे भरत गोयनका द्वारा सन 1986 में किया गया था |

उस समय श्री श्यामसुंदर गोयनका जी एक कंपनी चलाया करते थे, जो कि दूसरे टैक्सटाइल मिल्स और प्लांट्स को अपना कच्चा माल (Raw Material) बेचा करते थे |

उस वक्त उन्हें अपने बिजनेस से संबंधित सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रखने में बहुत ही समय लगता था, तब श्री श्यामसुंदर गोयनका जी ने अपने बेटे भरत गोयनका से कहा कि, कोई ऐसा सॉफ्टवेयर बनाओ जो अपने बिजनेस के सभी लेनदेन को आसानी से मैनेज कर सके |

 भरत गोइंग ने अपनी ग्रेजुएशन Mathematics  में पूरी की थी और साथ ही उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी पूरी की थी |

श्री श्यामसुंदर गोयनका जी ने अपने बेटे के साथ मिलकर Tally के काफी versions को लांच किया | आपको इसके बारे में विस्तार से बताती हूं :

VERSIONS OF TALLY

1. Tally 4.5 :

सन 1990 में यह वर्जन सबसे पहले लांच किया गया, MS-Dos सॉफ्टवेयर के रूप में, पर यह अकाउंट की बेसिक कैलकुलेशन ही कर पाता था,  इस सॉफ्टवेयर में हमें क्या-क्या सुविधाएं नहीं मिली थी, यह मैंने आपको नीचे बता रखी है:

–   इसमें हम Multiple Ledgers और Groups नहीं बना सकते (Can’t create Multiple Ledgers & groups)

–    इस सॉफ्टवेयर में Multiple Currencies भी इस्तेमाल नहीं करी जा सकती (Can’t use Multiple Currencies in this software)

–   अपनी  कंपनी की Inventory,  इस सॉफ्टवेयर में  मैनेज नहीं करी जा सकती (Can’t Maintain Inventories)

–    एक सॉफ्टवेयर में एक से ज्यादा कंपनी का बैकअप नहीं लिया जा सकता (Can’t backup multiples companies)

–  इस सॉफ्टवेयर में एक ही कंपनी का काम किया जा सकता है उससे ज्यादा एक साथ  कंपनी में काम नहीं कर सकते (Can’t work in multiple companies simultaneously)

 इसीलिए इस एप्लीकेशन का नाम बाद में Peutronics Financial Accountant के नाम से रखा गया |

 Note : सन 1988 में Peutronics Financial Accountant एप्लीकेशन का नाम बदलकर  Tally रखा गया |

2. Tally 5.4:

सन 1996 में टैली का यह दूसरा वर्जन लांच किया गया, Graphic Interface version के रूप में लांच किया गया,  यह एक Window Based Software था,

Qualities :

–    इसमें हम Multiple Ledger और ग्रुप बना सकते थे ( We Can create Multiple Ledgers & groups)

–    इस सॉफ्टवेयर में मल्टीपल करेंसी का इस्तेमाल भी किया जा सकता  था (We Can use Multiple Currencies in this software)

–    इस सॉफ्टवेयर में आसानी से हम Inventories के साथ-साथ उनके अकाउंट भी मैनेज कर सकते थे (We can easily Maintain Inventories as well as Accounts)

–    एक सॉफ्टवेयर में एक से ज्यादा कंपनी का बैकअप लिया जा सकता (We Can backup multiples companies)

–  इस सॉफ्टवेयर में एक से ज्यादा कंपनी में एक साथ काम किया जा सकता था (Can work in multiple companies simultaneously)

Note: सॉफ्टवेयर का नाम बदलकर जब उन्होंने Tally रखा,  तो साथ ही उन्होंने  सन 1999 में,  अपनी कंपनी का नाम बदलकर Tally Solutions रख दिया था  |

3. Tally 6.3:

सन 2001 में यह वर्जन लांच किया गया था | यह भी एक Window Based सॉफ्टवेयर था, पर इसमें खासियत यह थी कि इसमें अकाउंट हम नेटवर्क के द्वारा भी maintain कर सकते थे |

इस वर्जन को पहले सॉफ्टवेयर के वर्जन के मुकाबले थोड़ा एडवांस बनाया गया, इसमें इन्होंने लाइसेंस मोड (License Mode) और एजुकेशनल मोड (Educational Mode) को लांच किया |

4. Tally 7.2:

सन 2005 में यह चौथा वर्जन लांच किया गया था,  इसमें हम नेटवर्किंग तो आसानी से कर सकते थे, पर साथ ही इसमें हमें VAT (Value Added Tax) और TDS (Tax Deducted at Source) के फीचर के बारे में बताया गया था, और साथ ही इस वर्जन में यह प्रिंटिंग को भी सपोर्ट करता था |

5. Tally 8.1: 

यह भारत का सबसे पहला अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर था जो कि बहुभाषी क्षमता रखता था, मतलब कि इसमें काफी सारी एकाउंटिंग से संबंधित विशेषताएं थी | यह FBT (Fringe Benefit Tax) Computation  और VAT returns  को भी सपोर्ट करता था और साथ ही इसमें PayRoll और POS (Point of Sale) के बारे में नया फीचर जोड़ा गया था |

6. Tally 9.0:

सन 2006 में इस वर्जन को लांच किया गया था | यह वर्जन Bugs & errors के लिए लांच किया गया था, ताकि इस सॉफ्टवेयर की Speed, Power, Stability  और World-class reliability को चेक किया जा सके |

7. Tally ERP 9:

सन 2009 में Tally का सबसे Latest version लॉन्च किया गया, Tally ERP 9 के नाम से, यह सॉफ्टवेयर छोटे से लेकर सबसे बड़े व्यवसाय उद्योगों को काफी सारी सुविधाएं प्रदान कर रहा है |

Note:  और सन 2017 में  Tally ERP9 के सॉफ्टवेयर में ही GST (Goods & Services Tax) की नई सुविधा को अपडेट किया गया है |

 टैली करने के फायदे | Tally Course Krne Ke Fayde

देखिए दोस्तों हम सभी जानते हैं  टैली कोर्स वही लोग करते हैं जो अकाउंट की लाइन में जाना चाहते हैं | पर दोस्तों ऐसे नहीं है कि यह कोर्स वही लोग कर सकते हैं जिन्होंने अपनी 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम से करी हो |

आज के समय में काफी लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने Arts stream  से 12वीं पास की होती है, वह भी आज किसी कंपनी में अकाउंटेंट की जॉब कर रहे हैं |

देखिए दोस्तों काफी युवा ऐसे भी है, जो अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करके ही नौकरी करना चाहती है, पर आज के समय में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है |

नौकरी पाने के लिए कुछ ना कुछ कोर्स किया जाना जरूरी होता है, जैसे कि आप किसी भी कंपनी में जाते हैं नौकरी के लिए, तो आप को पूछा जाता है कि आप क्या कर सकते हो , तो वहां पर आपको अपनी Computer Skills बतानी होती है कि आप कौन सा काम कर सकते हो |

अगर आपने टैली कोर्स किया होता है तो वह आपको अकाउंट की लाइन में आसानी से भेज देते हैं | यह कोर्स सबसे सस्ता और जल्द ही होने वाला कोर्स होता है, इसलिए काफी लोग टैली कोर्स ही करते हैं |

Tally Kaise Sikhe- How To Learn Tally In Hindi

दोस्तों यह तो जान लिया हमने कि पहले क्या होता है पर अभी यह जानना है कि टेली कैसे सीख सकते हैं, टेली सीखने के 2 तरीके होते हैं एक ऑफलाइन और एक ऑनलाइन | आप दोनों ही तरीकों से यह कोर्स कर सकते हैं तो चलिए इसके बारे में जानते हैं

1) Tally Software Online Course

 देखिए दोस्तों आप टैली सॉफ्टवेयर को ऑनलाइन भी आसानी से सीख सकते हैं | पर आज के समय में काफी ऐसी वेबसाइट भी हैं, जो सिर्फ पैसों के लिए ही कोर्स कराती है |

मेरे कहने का मतलब यह है कि वह आपको नॉलेज कम देती है और अपनी फीस ज्यादा लेती है. तो आप उनसे aware रहिए और ऑनलाइन कोर्स के लिए वही प्लेटफॉर्म चुने, जो verified हो |

Online Course करते वक्त, ध्यान रखें:

– आपका कोर्स खत्म होने के बाद आपको Course Complete होने का Certificate दिया जाएगा |

– और जिस भी प्लेटफार्म से आपने ऑनलाइन कोर्स किया है, उनके द्वारा दिया गया Certificate Globally मान्य होना जरूरी है |

देखें दोस्तों जैसे कि अगर हम किसी भी कंपनी में जाते हैं, तो वहां हमें कोर्स करने का सबूत  मांगा जाता है, तो इसीलिए हमें सर्टिफिकेट दिया जाता है कि ताकि हम इंटरव्यू देते वक्त इस सर्टिफिकेट को दिखा सकें |

और साथ ही कंपनी को यह भी चाहिए होता है कि आपने जिस भी प्लेटफार्म से यह कोर्स किया है वह मान्य थी या नहीं, इसीलिए वह सर्टिफिकेट का Globally  मान्य होना जरूरी है |

2) Tally Software Offline Course

टेली सीखने का दूसरा तरीका ऑफलाइन, Offline Tally Course Kaise Kare, देखिए दोस्तों ऑफलाइन सीखने के लिए हमें किसी भी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में जाकर अपना Enrollment कराना होगा, जो भी आपके एरिया की प्रसिद्ध कंप्यूटर इंस्टिट्यूट हो, उसी में जाकर आप यह कोर्स करें |

अगर आप यह कोर्स 1 महीने में ही करना चाहते हैं तो आप यह ऑफलाइन कोर्स के माध्यम से आप किसी भी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट से आसानी से कर सकते हैं |

Tally Kitne Din Ka Course Hai | Tally Course Duration

देखिए दोस्तों टैली कोर्स 1 महीना, 2 महीना और 3 महीने का भी होता है | यह कंप्यूटर इंस्टिट्यूट पर निर्भर करता है कि वह आपको टैली कोर्स कितने दिनों में सिखाता है,  ज्यादातर भारत में यह कोर्स 3 महीने का ही बताया जाता है |

क्योंकि पहले महीने में वह आपको एकाउंटिंग के बेसिक चीजों के बारे में जानकारी देते हैं, और दूसरे और तीसरे महीने में आपको टैली सॉफ्टवेयर के एडवांस फीचर के बारे में बताया जाता है जैसे कि GST, Payroll आदि |

 टैली कोर्स की फीस क्या है | Tally Course Fees

देखिए दोस्तों टैली कोर्स की फीस क्या होती है, यह तो कंप्यूटर इंस्टिट्यूट के ऊपर निर्भर करता है | अगर कंप्यूटर इंस्टीट्यूट आपके एरिया में ज्यादा प्रसिद्ध माना जाता है तो वह आपको इस सॉफ्टवेयर को सिखाने के लिए ₹ 6,000 तक चार्ज कर सकता है |

टैली कोर्स की फीस, कंप्यूटर इंस्टीट्यूट किस जगह स्थित है उस पर निर्भर करता है |

अगर हम टैली कोर्स के Average Fees की बात करें तो इसका खर्चा ₹ 3,000 से लेकर ₹ 6,000 तक का जाता है

Tally में सैलरी क्या होती है | Accountant Salary Kya Hai

देखिए दोस्तों अकाउंटेंट की सैलरी क्या होती है, तो यह अकाउंटेंट के Experience पर निर्भर करता है, अगर आप Fresher हैं,  मतलब आपने अभी-अभी टैली कोर्स किया है और जाते ही आपने कंपनी join की है तो वहां आपको ₹ 8,000 से ₹ 10,000 प्रति महीना दिया  जाएगा |

और अगर आप Experience Accountant बन जाते हैं, किसी भी Experience Accountant को ₹ 25,000 से ₹ 30,000 प्रति महीना सैलरी दी जाती है |

इसे भी देखें: Tally Me Company Kaise Banaye

Conclusion

देखिए दोस्तों इस पोस्ट में हमने जाना की टैली क्या होता है, इसे कैसे सीखें, इसका इतिहास क्या था, टैली कोर्स करने के फायदे क्या क्या होते हैं,  इस कोर्स की फीस क्या होती है | अगर आप आप टैली कोर्स कर भी लेते हैं तो आपको कंपनियों में वेतन किया दिया जाएगा, इन्हीं सब चीजों के बारे में हमने ऊपर जाना है, उम्मीद है दोस्तों आपको यह जानकारी आपको पसंद आई होगी |

3 thoughts on “Tally Kya Hai | Tally Kaise Sikhe In Hindi”

  1. Pingback: Busy Accounting software में कैसे काम करे - Aao Kare

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