यौन शिक्षा In Hindi

यौन शिक्षा In Hindi: चलिए जानते हैं यौन शिक्षा के बारे में,  देखिए दोस्तों आजकल के समय में भी ऐसे काफी लोग हैं जो यौन शिक्षा  के बारे में नहीं जानते| वैसे तो कहा जाता है कि यौन शिक्षा बच्चों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, पर आप तो यह जानते होंगे कि भारत में यौन शिक्षा के बारे में बात करना ही बहुत गलत माना जाता है | इस पोस्ट द्वारा यौन शिक्षा In Hindi में पूरा विस्तार से बताया गया है, तो चलिए शुरू करते हैं |

यौन शिक्षा In Hindi

अगर हम बात करें पुराने जमाने की, हमारे दादा-परदादा के समय की, तो उस समय लोग यौन शिक्षा के बारे में बात करना भी बहुत ही  गंदी चीज समझते थे, और लोग यौन शिक्षा के बारे में बताने में भी लज्जा करते थे | उस समय में तो बच्चों को यौन शिक्षा के बारे में बताना तो बहुत दूर की बात, बल्कि शादी से पहले इस बारे में किसी से भी बात करना बहुत ही गलत माना जाता था |

आज के समय में यौन शिक्षा के बारे में बड़ों को ही नहीं बल्कि, बच्चों को भी जानना बहुत ही जरूरी हो गया है | यौन शिक्षा क्या है, इसमें किस बारे में बताया जाता है | तो दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बताना चाहती हूं यह कोई शर्म की बात नहीं है कि अगर आप यौन शिक्षा के बारे में बात कर रहे हैं  या किसी और को इस बारे में जानकारी दे रहे हैं | इसमें आपको बताया जाता है कि लोग कैसे HIV, AIDS जैसी बीमारियों का शिकार होते हैं ? जन्म नियंत्रण कैसे कर सकते हैं ? किशोरावस्था के दौरान बच्चे में क्या क्या बदलाव आते हैं ? इन्हीं सब के बारे में यौन शिक्षा में बताया जाता है |

यह भी पढ़ें : How To Register Online FIR In Hindi

यौन शिक्षा In Schools

यह तो हम सभी जानते हैं कि स्कूलों के द्वारा ही बच्चों को यौन शिक्षा दी जाती है | यौन शिक्षा के बारे में कक्षा 7 से शुरू होकर कक्षा बारहवीं तक के बच्चों को बताया जाता है | आज के समय में भी भारत में काफी स्कूल ऐसे हैं, जहां पर यौन शिक्षा के बारे में बताने से पहले बच्चों के माता-पिता से सहमति ली जाती है |

सभी स्कूलों में यौन शिक्षा में सबसे पहले बच्चों के किशोरावस्था, गर्भावस्था और STD जैसे मुद्दों के बारे में उन्हें जागरूक किया जाता है |

Importance of यौन शिक्षा in Schools

देखिए दोस्तों वैसे तो काफी लोगों के मन में यह भी प्रश्न उठता है कि स्कूलों में बच्चों को यौन शिक्षा दी जानी चाहिए या नहीं ? देखिए यौन शिक्षा के बारे में बच्चों को बताना बहुत ही महत्वपूर्ण है | लेकिन स्कूलों में यौन शिक्षा के बारे में कितना बताना चाहिए या यह कहें कि यौन शिक्षा के बारे में बताते वक्त, बच्चों की उम्र के अनुसार उन्हें किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है | तो चलिए इसके बारे में जानते हैं,

  • यौन शिक्षा की शिक्षा उसी अध्यापक के द्वारा दिया जाए, जिन्हें इस शिक्षा के बारे में अच्छे से जानकारी हो | ताकि वह बच्चों के सभी सवालों का जवाब बिना झिझक के दे पाए |
  • बच्चों को यौन शिक्षा के बारे में शिक्षा देते वक्त, भाषा और शब्दों का विशेष रुप से ध्यान रखना होगा | ताकि बच्चे अध्यापक के शब्दों का गलत अर्थ ना निकाल पाए |
  • वैज्ञानिक और सामाजिक रुप से यह शिक्षा बच्चों को प्रदान करी जाए और सभी धार्मिक और संस्कृति की मान्यताओं को परे रखकर,  बेझिझक बच्चों को इस बारे में बताया जाए |
  • सभी बच्चे जैसे स्कूल के लड़के-लड़कियों को एक साथ बैठा कर, उन्हें यौन शिक्षा के बारे में बताया जाए | ताकि बाद में वह एक दूसरे से इस मुद्दे पर बात करते वक्त हिचकीचाए ना |
  • और यह बहुत जरूरी है कि यौन शिक्षा के बारे में बताते वक्त, Sketches, Diagram, Slides आदि का प्रयोग किया जाए, और  यह भी ध्यान रखें की बच्चों के सामने Pornography, आदि जैसी तस्वीरों का इस्तेमाल ना किया जाए |
  • यौन शिक्षा के बारे में बच्चों को समूह में इकट्ठा करके बताया जाए, ना कि अकेले उन्हें इस बारे में बताया जाए |

यौन शिक्षा In India

 वैसे तो सरकार ने भी अब भारत में यौन शिक्षा के बारे में लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है | भारत में लोगों को यह शिक्षा 3 तरीकों से बताई जा रही है:

 1. स्कूलों के द्वारा बच्चों को यौन शिक्षा के बारे में बताना : आजकल के समय में स्कूलों के बच्चे अपने माता-पिता व शिक्षक यौन शिक्षा के बारे में पूछने में बहुत ही हिचकीचाते हैं, और बच्चे टीवी में दिए गए परचारों और इंटरनेट द्वारा, जो भी देखते हैं, वही सच मान लेते हैं, चाहे वह जानकारी सही हो या गलत |  इसी कारण वर्ष स्कूलों में भी बच्चों को यौन शिक्षा के बारे में बताना अनिवार्य कर दिया गया है |

 2. व्यक्तियों को परिवार नियोजन (Family Planning) के बारे में जागरूक करना:  भारत सरकार द्वारा Family Planning के नाम से एक अभियान चलाया गया है, ताकि लोगों को पता चल सके कि Family Planning करना कितना महत्वपूर्ण हो गया है और साथ ही जन्म नियंत्रण करना क्यों जरूरी है ? इसी अभियान के तहत भारत में काफी कार्यक्रम चलाए जाते हैं, और NGOs की महिलाओं के द्वारा भी यह जानकारी सभी गांव और मोहल्लों में जाकर उन्हें प्रदान की जा रही है |

3. HIV, AIDS जैसी बीमारियों के बारे में जागरूक करना :  HIV, AIDS के बारे में किशोरावस्था के बच्चे बहुत ही कम जानते हैं | पर यह जानना बहुत जरूरी  है कि HIV, AIDS जैसी बीमारियां कैसे उत्पन्न होती है, इनसे कैसे बचा जा सकता है ? और बात करें STD जैसी बीमारी की, तो इस बारे में किशोरावस्था की लड़कियां आज भी, किताबों, इंटरनेट और अपने दोस्तों के द्वारा जानकारी प्राप्त करती हैं | परंतु इस बारे में वह अपने माता-पिता से बात करने में बहुत ही हिचकीचाती है और डरती भी है |

My Words

  देखिए दोस्तों इस पोस्ट में मैंने आपको बताया कि आखिर यौन शिक्षा क्या है |यौन शिक्षा In Hindi | यौन शिक्षा स्कूलों में क्यों इतनी महत्वपूर्ण है ?  उम्मीद है, दोस्तों की आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा | अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया है, तो इसे आप अपने दोस्तों में शेयर जरूर करें |

यह भी पढ़ें : What is a Mechanical Keyboard?

 

Leave a Comment